उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। निपुण भारत मिशन और गुणवत्ता शिक्षा अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाने के लिए राज्य स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण 1 और 2 जून को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में होगा, जिसमें प्रदेश के सभी 75 जिलों से जिला समन्वयक (निपुण भारत मिशन) और जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) हिस्सा लेंगे। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इनकी अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दो चरणों में प्रशिक्षण, सभी मंडलों को शामिल किया गया
कार्यक्रम को दो बैचों में विभाजित किया गया है।
पहले दिन 1 जून को आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, देवीपाटन, गोरखपुर और चित्रकूट मंडल के प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वहीं 2 जून को झांसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी मंडल के अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर सरकार का फोकस
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य निपुण भारत मिशन के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाना है। इसके तहत अकादमिक मॉनिटरिंग, डेटा आधारित योजना, शिक्षक सहयोग प्रणाली और सीखने के परिणामों में सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि जब जिला स्तर पर निगरानी और प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी, तभी विद्यालयों में वास्तविक शैक्षिक सुधार दिखाई देंगे।
एफएलएन और आधुनिक शिक्षण प्रणाली पर विशेष ध्यान
प्रशिक्षण में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN), गतिविधि आधारित शिक्षण, गुणवत्ता मूल्यांकन और शिक्षकों के क्षमता विकास जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन को और सशक्त बनाने पर जोर रहेगा।
इस पहल के जरिए सरकार का लक्ष्य परिषदीय शिक्षा को अधिक परिणाममुखी, तकनीक-आधारित और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।