रायपुर, 29 मई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी “नियद नेल्ला नार योजना 2.0” के तहत राज्य के माओवादी प्रभावित और सुदूर वनांचलों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें “नियद नेल्ला नार 2.0”, “बस्तर मुन्ने” और “सुघ्घर छत्तीसगढ़” जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
पहले चरण की सफलता के बाद दूसरा चरण शुरू
बैठक में जानकारी दी गई कि योजना के पहले चरण में बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिलों के सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।
अब दूसरे चरण में दायरा बढ़ाते हुए 31 व्यक्तिगत हितग्राही योजनाएं, 14 सामुदायिक योजनाएं और 10 आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाने की तैयारी है।

गांव-गांव पहुंचेंगी 31 व्यक्तिगत योजनाएं
नई कार्ययोजना के तहत पात्र हितग्राहियों का डाटाबेस तैयार कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदना योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, जनधन योजना, समग्र शिक्षा, पीएम कौशल विकास योजना, आधार, वोटर आईडी, श्रम कार्ड सहित विभिन्न प्रमाण पत्र और योजनाएं शामिल हैं।
14 सामुदायिक सुविधाओं का होगा विस्तार
सुदूर क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, उचित मूल्य दुकानें, सड़क एवं मोबाइल कनेक्टिविटी, डाकघर, वन धन विकास केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, पंचायत भवन, बैंकिंग सुविधाएं तथा ब्लॉक स्तर पर नए कॉलेजों की स्थापना जैसी 14 प्रमुख सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
अधिकारियों को समन्वय के निर्देश
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह विभाग, आदिम जाति विकास, स्कूल शिक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण, श्रम, कौशल विकास सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव विकासशील ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समयसीमा में योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।