नई दिल्ली। कई दिनों से झुलसा रही भीषण गर्मी के बाद मौसम ने ऐसा करवट बदला कि राहत की उम्मीद कर रहे लोगों के लिए यह आफत बन गया। गुरुवार रात से शुरू हुई तेज आंधी, मूसलधार बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात ने उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक तबाही मचा दी। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में मौसम के कहर से 45 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
यूपी में सबसे ज्यादा तबाही, 20 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश का सबसे ज्यादा असर बुंदेलखंड और पूर्वांचल में देखने को मिला। तेज हवाओं ने पेड़ों और बिजली के खंभों को उखाड़ दिया, जिससे कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। वाराणसी में 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम जनित हादसों में 20 लोगों की जान चली गई।
रेल और हवाई यातायात पर बड़ा असर
गोरखपुर-देवरिया रेल मार्ग पर पेड़ गिरने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जबकि झांसी-लखनऊ रेलखंड पर ओवरहेड लाइन का खंभा टूटने से परिचालन रोकना पड़ा। खराब मौसम के कारण कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा और दर्जनों विमान घंटों देरी से संचालित हुए।
प्रयागराज में टूटा 55 साल पुराना रिकॉर्ड
प्रयागराज में महज चार घंटे में 61 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसने मई महीने में एक दिन की वर्षा का 55 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 1971 में 54 मिमी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज था।
बिहार में तूफान और वज्रपात का कहर
बिहार में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई। पटना में 107 किमी प्रति घंटे और गया में 74 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मोतिहारी में सबसे अधिक 116 मिमी बारिश दर्ज की गई। नेपाल में हुई भारी वर्षा के कारण पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
तुंगनाथ ट्रेक बना मौत का सफर
उत्तराखंड के प्रसिद्ध तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में ट्रेकिंग के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत हो गई। खराब मौसम में फंसे 50 से अधिक पर्यटकों को प्रशासन और राहत एजेंसियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
बंगाल में तूफान का तांडव
दक्षिण बंगाल में शुक्रवार दोपहर आए भीषण तूफान और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। 70 से 88 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने कोलकाता समेत कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया। सात लोगों की मौत हुई, जबकि कई घायल हुए हैं।
जंगलों की आग बुझी, गर्मी से राहत
लगातार बारिश ने उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग को पूरी तरह बुझा दिया। वहीं हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
सरकारें अलर्ट, मुआवजे का ऐलान
उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल सरकारों ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। प्रशासन को नुकसान का आकलन कर तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।