बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से जारी सस्पेंस अब खत्म हो गया है। राज्य में हुए बड़े सियासी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से नया नेता चुन लिया गया है, जिससे यह लगभग तय हो गया है कि वे ही कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
इस फैसले से पहले राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद नए नेतृत्व को लेकर मंथन तेज हो गया था। डीके शिवकुमार फिलहाल सरकार में उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) के रूप में कार्यरत थे।
केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में फैसला
मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम निर्णय के लिए शनिवार शाम बेंगलुरु स्थित विधान सौध के सम्मेलन कक्ष में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य रही।
बैठक में कांग्रेस हाईकमान द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने विधायकों की राय जानी और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।
बैठक से पहले केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों का जोरदार स्वागत किया था।
सिद्धारमैया का इस्तीफा पहले ही हो चुका था स्वीकार
इस राजनीतिक बदलाव की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राजभवन पहुंचकर अपना इस्तीफा सौंप दिया था। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया था।
इसके बाद से ही बेंगलुरु और दिल्ली में लगातार बैठकों का दौर चल रहा था। अब डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लगने के बाद जल्द ही उनके शपथ ग्रहण समारोह की तारीख की घोषणा होने की संभावना है।