नई दिल्ली: म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है। इस दौरान जारी संयुक्त बयान में द्विपक्षीय सहयोग, आर्थिक संबंधों और क्षेत्रीय साझेदारी को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
संयुक्त बयान में कहा गया कि यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे घनिष्ठ संबंधों और आपसी विश्वास की पुनर्पुष्टि करती है। दोनों देशों ने साझा विकास और पारस्परिक हितों को ध्यान में रखते हुए सहयोग को और विस्तार देने पर जोर दिया।
सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
भारत और म्यांमार ने राजनीतिक, आर्थिक, विकासात्मक और अन्य सभी क्षेत्रों में निरंतर सहयोग बनाए रखने का संकल्प लिया। दोनों पक्षों ने माना कि मजबूत द्विपक्षीय संबंध क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं।
राष्ट्रपति ह्लाइंग ने जताया आभार
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने भारत में मिले गर्मजोशीपूर्ण स्वागत और आतिथ्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को और गहरा करेगी।
पीएम मोदी को म्यांमार आने का निमंत्रण
म्यांमार के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आपसी सहमति से तय तिथियों पर म्यांमार की यात्रा का निमंत्रण भी दिया। दोनों देशों ने उच्चस्तरीय संवाद और नियमित संपर्क बनाए रखने पर भी सहमति जताई।
इस यात्रा को भारत-म्यांमार संबंधों को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे व्यापार, निवेश और विकास सहयोग के क्षेत्रों में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।