नई दिल्ली: भारत के समुद्री खाद्य (सीफूड) निर्यात ने वित्त वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) के अनुसार, देश ने 19,72,018 मीट्रिक टन समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात किया, जिसका कुल मूल्य ₹73,890.46 करोड़ (8.46 बिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा। यह अब तक का सबसे बड़ा निर्यात आंकड़ा है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच शानदार प्रदर्शन
MPEDA अध्यक्ष पी. जवाहर ने कहा कि वैश्विक बाजार में चुनौतियों के बावजूद भारत के सीफूड निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें फ्रोजन झींगा सबसे प्रमुख योगदानकर्ता रहा है।
फ्रोजन झींगा बना निर्यात का आधार
फ्रोजन झींगा का निर्यात 7,92,647 मीट्रिक टन रहा, जिससे ₹49,037.93 करोड़ की आय हुई। यह कुल निर्यात मूल्य का लगभग दो-तिहाई हिस्सा है। अमेरिका और चीन इसके सबसे बड़े आयातक देश रहे।
प्रमुख बाजार: अमेरिका और चीन
मात्रा के आधार पर चीन भारत का सबसे बड़ा सीफूड आयातक रहा, जबकि मूल्य के आधार पर अमेरिका शीर्ष पर रहा। इसके अलावा यूरोपीय संघ, दक्षिण-पूर्व एशिया, जापान और मध्य-पूर्व भी प्रमुख बाजारों में शामिल रहे।
अन्य समुद्री उत्पादों में भी वृद्धि
फ्रोजन मछली से ₹5,658.37 करोड़, जबकि सूखे समुद्री उत्पादों से ₹5,079.09 करोड़ की आय हुई। स्क्विड और कटलफिश के निर्यात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्रमुख निर्यात केंद्र
देश में समुद्री खाद्य निर्यात के लिए विशाखापट्टनम सबसे बड़ा केंद्र रहा, इसके बाद जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) और कोच्चि पोर्ट का स्थान रहा।
इस रिकॉर्ड प्रदर्शन ने वैश्विक समुद्री खाद्य बाजार में भारत की स्थिति को और मजबूत किया है।