बंगाल के बाद महाराष्ट्र में ‘खेला’ की तैयारी? शिवसेना UBT में फूट की अटकलें तेज

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर कथित बगावत की खबरों के बीच अब महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर भी बड़े राजनीतिक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि लोकसभा में अपनी संख्या बढ़ाने की रणनीति के तहत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नजर अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) पर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीएमसी के कुछ सांसदों द्वारा एनडीए को समर्थन दिए जाने के दावों के बाद केंद्र की सत्ताधारी गठबंधन सरकार लोकसभा में अपने संख्याबल को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि सरकार भविष्य में महत्वपूर्ण विधेयकों और संवैधानिक संशोधनों को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचना चाहती है।

महाराष्ट्र में बढ़ीं सियासी अटकलें

रिपोर्टों के अनुसार, महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के भीतर भी संभावित टूट की चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोकसभा में पार्टी के कुल नौ सांसद हैं और राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि इनमें से कुछ सांसदों के रुख पर नजर रखी जा रही है।

दलबदल कानून बना बड़ी चुनौती

दलबदल विरोधी कानून के तहत किसी दल के सांसदों को अपनी सदस्यता बचाने के लिए आवश्यक संख्या में दूसरे दल में विलय करना होता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसा कोई घटनाक्रम होता है तो मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना सबसे संभावित विकल्प हो सकती है।

शिंदे गुट की बढ़ी पकड़

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद राज्य की राजनीति में एकनाथ शिंदे गुट की पकड़ मजबूत मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि संगठनात्मक नेटवर्क और जमीनी पहुंच के कारण शिंदे गुट ने राज्य के कई क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत की है, जबकि उद्धव ठाकरे का प्रभाव मुख्य रूप से मुंबई और कुछ शहरी इलाकों तक सीमित माना जाता है।

लोकसभा में संख्या बढ़ाने पर फोकस

सूत्रों के अनुसार, एनडीए की दीर्घकालिक रणनीति लोकसभा में अपने सहयोगी दलों और समर्थक सांसदों की संख्या बढ़ाकर करीब 360 सीटों के दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने की है। हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) में किसी संभावित टूट या सांसदों के पाला बदलने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में जारी इन अटकलों ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।

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