दुर्ग में ‘यादे-रफ़्तागां’ शेरी नशस्त का सफल आयोजन, उर्दू अदब की महफ़िल में जुटे नामचीन शायर

दुर्ग 14 जून : छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी और साहित्यिक संस्था हल्क-ए-अदब के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को दुर्ग में एक भव्य काव्य गोष्ठी (शेरी नशस्त) ‘यादे-रफ़्तागां’ का आयोजन किया गया। मोहन नगर स्थित ए.एम.आई. भवन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में प्रदेशभर के नामचीन शायरों और अदब-पसंद श्रोताओं ने हिस्सा लिया।

 दोपहर 2 बजे से शुरू हुई इस महफ़िल में देर तक शेरो-शायरी और गजलों का दौर चलता रहा, जिसने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।डॉ. संजय दानी की अध्यक्षता और रऊफ कुरैशी के मुख्य आतिथ्य में सजा मंच कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात वरिष्ठ शायर एवं उपन्यासकार डॉ. संजय दानी ने की।

वहीं मुख्य अतिथि के रूप में जिला अल्पसंख्यक बचत सहकारी साख समिति मर्यादित, दुर्ग के अध्यक्ष रऊफ कुरैशी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी रायपुर के सचिव असरम खान की ओर से जारी इस दावत-नामे पर शहर के प्रबुद्ध नागरिक, साहित्य प्रेमी और उर्दू अदब के कद्रदान बड़ी संख्या में अपने मित्रों और परिजनों के साथ पहुँचे।

आमंत्रित शायरों ने अपनी रचनाओं से बांधा समांइस विशेष शेरी नशस्त में राज्य के कई दिग्गज और नामचीन रचनाकारों को आमंत्रित किया गया था। मंच से अपनी बेहतरीन रचनाओं, नज्मों और गजलों का पाठ करने वाले मुख्य शायरों में शामिल रहे:मुमताज़, डॉ. संजय दानी और रियाज़ गौहरलतीफ खान, नुरुस्सबा और एजाज़ बशरआलोक नारंग, डॉ. नौशाद सिद्दीक़ी एवं शुचि भवीहाजी इसराइल “शाद” के कुशल संचालन ने लूटी वाहवाहीपूरी महफ़िल को एक सूत्र में पिरोने और मंच का सफल व जीवंत संचालन प्रख्यात उद्घोषक हाजी इसराइल “शाद” द्वारा किया गया। उनके चुटीले अंदाज और शेराना लहजे ने कार्यक्रम में समां बांध दिया।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और शायरों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने इस साहित्यिक समागम को सफल बनाने के लिए दुर्ग-भिलाई के तमाम प्रबुद्ध नागरिकों और उर्दू प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।

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