नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हालिया समुद्री सुरक्षा घटनाओं के बीच भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजी शिपिंग) ने समुद्री भर्ती एजेंसियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अगले आदेश तक संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में किसी भी भारतीय नाविक की नई तैनाती नहीं की जाए।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम बढ़ने के बाद यह फैसला लिया गया है। सरकार ने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और ओमान की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। एडवाइजरी में जहाज संचालकों और क्रू सदस्यों को सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजी शिपिंग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि सुरक्षा कारणों से समुद्र में ही क्रू परिवर्तन (Crew Change) की आवश्यकता पड़ती है, तो संबंधित नाविक की सहमति अनिवार्य होगी। बिना सहमति किसी भी नाविक को जोखिम वाले क्षेत्र में तैनात नहीं किया जाएगा।
समुद्री क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक विभिन्न व्यापारिक जहाजों पर कार्यरत हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इस बीच हाल में कुछ व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों और भारतीय नाविकों के हताहत होने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। घटना को लेकर विभिन्न पक्षों के दावे और प्रतिदावे सामने आए हैं, जबकि संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
भारत सरकार ने समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि हालात के अनुसार आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।