उन्नाव। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उन्नाव जिले को 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए प्रदेश के विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक समय माफियाराज का बोलबाला था और कुछ राजनीतिक दलों के आंसू केवल माफियाओं के लिए निकलते हैं, जबकि गरीब, किसान और आम जनता की समस्याओं के प्रति वे हमेशा संवेदनहीन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण मिलता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने कानून का राज स्थापित कर प्रदेश में सुरक्षा और विकास का नया वातावरण बनाया है। उन्होंने रामायण के पात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के हित में काम करने वालों को हमेशा सम्मान मिलना चाहिए, जबकि अराजक तत्वों के प्रति किसी प्रकार की सहानुभूति उचित नहीं है।
प्रदेश की 25 करोड़ जनता मेरा परिवार
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानते हैं। उसी भावना के साथ वे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता को अपना परिवार मानते हैं। जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास सुनिश्चित करना ही सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है।
बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की बेटियों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि की जानकारी साझा की गई। आईआईटी गांधीनगर के क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के तहत प्रयागराज और गाजियाबाद के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन किया गया है।
इन दोनों विद्यालयों से दो-दो छात्राएं और एक-एक शिक्षिका राष्ट्रीय स्तर के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में भाग लेंगी। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को विज्ञान, गणित, नवाचार और शोध संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच बनाकर प्रदेश की छात्राएं अपने सपनों को साकार कर रही हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हो रही हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, नवाचार और शोध के क्षेत्र में ऐसे प्रयास प्रदेश की बेटियों को नई पहचान दिलाने के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।