रायपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में हुई हल्की से मध्यम बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है। मानसूनी बौछारों के असर से प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को राहत मिली है। राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में बादलों का डेरा बना हुआ है और मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला नजर आ रहा है।
अगले 5 दिनों तक बारिश और गरज-चमक के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम का रुख इसी तरह बना रह सकता है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
तापमान में आई गिरावट, लोगों को मिली राहत
बारिश के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। हालांकि रायगढ़ जिला अब भी सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सक्ती और अंबिकापुर में 38 डिग्री, मुंगेली में 37.9 डिग्री, बिलासपुर में 37 डिग्री तथा कोरबा में 36.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
आने वाले दिनों में और घट सकती है गर्मी
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी दो से तीन दिनों में वर्षा गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। इसके चलते तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। लगातार बारिश होने से प्रदेशवासियों को गर्मी और उमस से और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों पर बिजली चमकने के समय न रुकने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।