LPG सिलेंडर लेने से पहले जांच लें एक्सपायरी डेट, हादसे से बचने का आसान तरीका

नई दिल्ली। एलपीजी गैस सिलेंडर आज लगभग हर घर की जरूरत बन चुका है। खाना बनाने से लेकर अन्य घरेलू कार्यों तक इसका व्यापक उपयोग किया जाता है। हालांकि अधिकांश लोग सिलेंडर लेते समय उसकी सील, वजन और कीमत की जांच तो करते हैं, लेकिन एक्सपायरी डेट पर ध्यान नहीं देते। विशेषज्ञों का मानना है कि सिलेंडर की वैधता अवधि की जानकारी होना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

विशेषज्ञों के अनुसार हर एलपीजी सिलेंडर की एक निर्धारित वैधता अवधि होती है। समय-समय पर इसकी तकनीकी जांच और परीक्षण किए जाते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिलेंडर सुरक्षित स्थिति में है। यदि एक्सपायरी अवधि पार कर चुके सिलेंडर का उपयोग किया जाए, तो गैस रिसाव या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जानने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। यह जानकारी सिलेंडर के ऊपरी हिस्से में रेगुलेटर के पास अंकित एक कोड के रूप में लिखी होती है। इस कोड में अंग्रेजी के अक्षर A, B, C या D के साथ एक संख्या दर्ज रहती है, जो सिलेंडर की अगली जांच या वैधता अवधि को दर्शाती है।

कोड में दिए गए अक्षरों का अर्थ इस प्रकार है:

  • A – जनवरी, फरवरी और मार्च
  • B – अप्रैल, मई और जून
  • C – जुलाई, अगस्त और सितंबर
  • D – अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर

वहीं अक्षर के साथ लिखा अंक वर्ष को दर्शाता है। उदाहरण के लिए यदि सिलेंडर पर B-25 लिखा है, तो इसका मतलब है कि वह सिलेंडर वर्ष 2025 की अप्रैल से जून तिमाही तक वैध है। इसी प्रकार D-25 का अर्थ अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक की वैधता अवधि है।

उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय इस कोड की जांच अवश्य करें। यदि सिलेंडर की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी हो, तो उसे स्वीकार न करें और तुरंत गैस एजेंसी को इसकी जानकारी दें। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सेकंड की यह जांच आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है तथा संभावित दुर्घटनाओं से बचाने में मददगार साबित हो सकती है।

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