- मास्टर ट्रेनर ने सिखाए योग के गुर
- जजों, वकीलों और कोर्ट स्टाफ ने किया प्राणायाम
दुर्ग | दुर्ग जिला न्यायालय में योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति व मुख्य संरक्षक माननीय रमेश सिन्हा के गरिमामयी मार्गदर्शन में, आज 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), दुर्ग द्वारा एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग के नवीन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विधिक सेवाओं के प्रति नागरिकों को सजग करना था।सुबह 7 बजे कोर्ट परिसर में गूंजा ‘ॐ’ का उच्चारणयोग सत्र की शुरुआत अलसुबह ठीक 07:00 बजे हुई। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई।
योग की महत्ता को रेखांकित करते हुए उन्होंने उपस्थित सभी जनों को नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया।आर्ट ऑफ लिविंग के मास्टर ट्रेनर ने कराया अभ्यास न्यायालयीन व्यस्तताओं और मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए आयोजित इस शिविर में ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ भिलाई के मास्टर ट्रेनर को योग प्रशिक्षक के रूप में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। योग गुरु ने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न कठिन व सरल योगासनों, प्राणायाम तथा ध्यान (Meditation) की आधुनिक व पारंपरिक तकनीकों का गहन अभ्यास कराया।
इसके साथ ही उन्होंने दैनिक जीवन में योग के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक लाभों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।न्यायाधीशों से लेकर पैरालीगल वालंटियर्स तक सब रहे शामिलइस विशेष योग शिविर में कानून व्यवस्था और न्यायदान से जुड़े लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जिला न्यायालय के समस्त सम्मानीय न्यायाधीशगण, भारी संख्या में अधिवक्तागण (वकील), विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) के काउंसिल, न्यायालयीन व प्राधिकरण के कर्मचारीगण तथा पैरालीगल वालंटियर्स (PLVs) पूरे उत्साह के साथ चटाई बिछाकर योगासन करते नजर आए। कार्यक्रम के दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक लाभों पर प्रकाश डाला गया।
मास्टर ट्रेनर के द्वारा उपस्थितजनों को योग के विभिन्न योगासन सिखाते हुए योग से होने वाले लाभों की जानकारी देकर तकनीक के साथ योगासन का अभ्यास करना सिखाया गया एवं बताया गया कि उक्त सिखाये गये अभ्यास का दिन-प्रतिदिन अभ्यास नियमित रूप से करने से स्वस्थ व निरोगी शरीर प्राप्त कर सकते हैं, योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक रूप से भी उपयोगी है, इससे शरीर लचीला बना रहता है तथा इस तनाव भरे जीवन में तनाव रहित जीवन जीने की कला योग से ही संभव है।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि “योग न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह हमें आत्म-अनुशासन, मानसिक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायता करता है। अंत में कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर ने कहा कि योग को दैनिक जीवन में अपनाकर हम तनाव मुक्त जीवन जी सकते हैं।