पद्म श्री से सम्मानित हुईं सविता पूनिया, हॉकी इंडिया ने कहा- भारतीय खेलों की सच्ची आइकन

नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किए जाने पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई दी है। संगठन ने सविता को भारतीय खेल जगत की “सच्ची आइकन” बताते हुए कहा कि यह सम्मान भारतीय हॉकी में उनके एक दशक से अधिक लंबे और शानदार योगदान की उचित पहचान है।

हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “एक सच्चे आइकन के लिए पद्म श्री। भारतीय महिला हॉकी की दिग्गज खिलाड़ी सविता को भारतीय खेलों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से पद्म श्री प्राप्त हुआ है। उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक भारत के गोल पोस्ट की रक्षा करते हुए अपनी प्रतिभा, साहस और नेतृत्व से लाखों लोगों को प्रेरित किया है।”

सम्मान पाकर भावुक हुईं सविता

इस प्रतिष्ठित सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए सविता पूनिया ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि उनके परिवार और टीम के साथियों की भी है, जिन्होंने हर मुश्किल दौर में उनका साथ दिया।

उन्होंने कहा, “मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है क्योंकि यह अपने आप में बहुत बड़ा सम्मान है। जब मैंने हॉकी खेलना शुरू किया था, तब कभी नहीं सोचा था कि मेरा सफर इतना लंबा होगा और मुझे ऐसा बड़ा व्यक्तिगत सम्मान मिलेगा। यह मेरे, मेरे परिवार और मेरी टीम के लिए गर्व का क्षण है।”

परिवार के समर्थन को दिया सफलता का श्रेय

सविता ने अपने करियर के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि कई बार ऐसा लगा कि उन्हें खेल छोड़ना पड़ सकता है, लेकिन परिवार के अटूट समर्थन ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।

उन्होंने कहा, ऐसे कई मौके आए जब लगा कि अब हॉकी खेलना मुश्किल हो जाएगा, लेकिन मेरे परिवार ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया। आज यह सम्मान मिलने पर मेरा पूरा परिवार बेहद खुश है। एक मध्यमवर्गीय परिवार की बेटी होने के नाते माता-पिता का इतना सहयोग मिलना मेरे लिए बहुत खास रहा है।”

युवा खिलाड़ियों के लिए दिया प्रेरणादायक संदेश

सविता ने कहा कि उनका सफर देशभर की युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा बन सकता है। उन्होंने युवाओं को धैर्य, समर्पण और कड़ी मेहनत का महत्व समझाते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।

उन्होंने कहा, “अगर सविता यह कर सकती है, तो देश की अन्य लड़कियां भी अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं। किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए जुनून, समर्पण और धैर्य जरूरी है। खेलों में चुनौतियां और चोटें सफर का हिस्सा होती हैं, लेकिन लगातार मेहनत ही सफलता दिलाती है।”

भारतीय हॉकी की सबसे सफल गोलकीपरों में शुमार

भारतीय महिला हॉकी के इतिहास की सबसे सफल गोलकीपरों में गिनी जाने वाली सविता पूनिया ने महज 20 वर्ष की उम्र में सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था। अपने शानदार प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में अपनी पहचान बनाई।

साल 2025 में सविता, महान गोलकीपर पीआर श्रीजेश के बाद 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दूसरी भारतीय गोलकीपर बनीं। यह उपलब्धि उनके लंबे करियर, निरंतरता और भारतीय हॉकी के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

पद्म श्री सम्मान के साथ सविता पूनिया ने न केवल भारतीय हॉकी बल्कि देश की लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का एक नया अध्याय भी लिख दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *