नई दिल्ली। हिंदी फिल्म संगीत जगत की लोकप्रिय पार्श्व गायिका अलका याग्निक को देश के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस दौरान अलका याग्निक की सेहत को लेकर भी चर्चा रही, क्योंकि मंच तक पहुंचने के लिए उन्हें सहारे की जरूरत पड़ी।
समारोह में अलका याग्निक को सुरक्षाकर्मियों और कार्यक्रम कर्मियों की सहायता से मंच तक जाते देखा गया। उनकी शारीरिक कमजोरी देखकर उनके प्रशंसक चिंतित हो गए। इसके बाद गायिका ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक संदेश साझा कर अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी दी।
अलका याग्निक ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया की नजरों से दूर थीं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में प्रशंसकों का प्यार, शुभकामनाएं और प्रार्थनाएं उनके लिए सबसे बड़ा संबल बनीं।
पद्म भूषण सम्मान मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी श्रोताओं का है जिन्होंने उनकी आवाज को अपनाया और हर परिस्थिति में उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने यह भी कहा कि वह धीरे-धीरे स्वस्थ होने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और अपने चाहने वालों के लिए इस विशेष अवसर पर उपस्थित होना चाहती थीं।
भारतीय संगीत जगत में अलका याग्निक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में हजारों गीत गाए हैं। उनके लोकप्रिय गीतों में ‘चोली के पीछे’, ‘दिल ने ये कहा है दिल से’, ‘हम तुम’, ‘घूंघट की आड़ से’ और ‘कुछ कुछ होता है’ जैसे सदाबहार गाने शामिल हैं। अपनी मधुर आवाज और शानदार गायकी के दम पर अलका याग्निक ने संगीत प्रेमियों के दिलों में एक खास पहचान बनाई है।