छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी पहल, नैनो उर्वरकों को बढ़ावा देने पर बनी सहमति

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अधोसंरचना और कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने और नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार दूरस्थ, वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। शासकीय अस्पतालों, जिला चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेजों की सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है, ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज अपने ही प्रदेश में उपलब्ध हो सके।

बैठक में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद और उन्नत बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों में उर्वरकों तथा कृषि आदानों का पर्याप्त भंडारण बनाए रखा जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और डीलरों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत खेती के तरीकों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसी आधुनिक उर्वरक तकनीकों के उपयोग को बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन उर्वरकों के इस्तेमाल से खेती की लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी और जनकल्याणकारी पहलों की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य, चिकित्सा और उर्वरक क्षेत्रों में केंद्र सरकार राज्य को हरसंभव सहयोग प्रदान करती रहेगी। बैठक में केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के जरिए किसानों और आम नागरिकों को अधिक लाभ पहुंचाने पर भी सहमति बनी।

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