दुर्ग। समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गोंडवाना समाज द्वारा एक प्रेरणादायी पहल की गई। ‘अच्छी शिक्षा–उच्च शिक्षा’ को समाज की पहली प्राथमिकता मानते हुए गोंडवाना भवन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत समाज के आराध्य आदि शक्ति बुढ़ा देव की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वप्निल चक्रवर्ती (अप्रवासी भारतीय, ब्रिटेन) ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज के बच्चे प्रतिभा से भरपूर हैं और शिक्षा के बल पर डॉक्टर, इंजीनियर जैसे उच्च पदों तक पहुंचकर न केवल अपने परिवार बल्कि देश को भी मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
समाजसेवी राकेश ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षित समाज ही सशक्त समाज की पहचान होता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी और जमीनी स्तर पर सेवा आवश्यक है। शिक्षा को समाज की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाना समय की मांग है।


कार्यक्रम में महिला प्रभाग अध्यक्ष ममता आरमो ने बालिका शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए नशा मुक्त समाज और महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिथियों द्वारा विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें, स्टेशनरी सामग्री एवं उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलकता नजर आया।
कार्यक्रम का संचालन राजेश्वरी नेताम ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कुसुम लता ठाकुर ने किया।
इस अवसर पर जी.आर. सोरी, गोरेलाल, महावीर ठाकुर, सागर सिंह मांडवी, चंदू ध्रुव, लखन नेताम सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बना, बल्कि समाज में शिक्षा को केंद्र में रखकर आगे बढ़ने का सशक्त संदेश भी दे गया।