दुर्ग, 29 जून 2026। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सोमवार को सुपेला क्षेत्र में स्थित कल्याणी सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध उपचार, परामर्श और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें दी जा रही सुविधाओं, उपचार प्रक्रिया और काउंसलिंग की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र के संचालक अजय कल्याणी को भोजन, दवाइयों की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सकीय सेवाओं की नियमित समीक्षा कर सभी आवश्यक सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र केवल इलाज का स्थान नहीं, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने मरीजों के समग्र पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्र के संचालक अजय कल्याणी ने बताया कि यहां मरीजों को सकारात्मक वातावरण के साथ नियमित काउंसलिंग, योग, व्यायाम, ध्यान (मेडिटेशन) और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे स्वस्थ और सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। उन्होंने बताया कि आमतौर पर मरीजों को लगभग एक माह तक केंद्र में रखकर उपचार और पुनर्वास किया जाता है। घर लौटने के बाद भी उनकी नियमित फॉलोअप काउंसलिंग की जाती है, ताकि वे दोबारा नशे की ओर न लौटें।
निरीक्षण के दौरान संचालक ने केंद्र के संचालन, उपलब्ध संसाधनों और पुनर्वास गतिविधियों की भी जानकारी दी। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक ए.पी. गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह निरीक्षण नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने और नशे से पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास को प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।