अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) 1 जुलाई । अंबिकापुर का दयानिधि हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक (स्वास्थ्य सेवाएं) ने सीएमएचओ सरगुजा को अस्पताल के खिलाफ जांच के कड़े आदेश जारी कर दिए हैं। 30 जून 2026 को जारी इस आधिकारिक पत्र में मामले की निष्पक्ष जांच कर छह कार्यदिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
आयुष्मान योजना में करोड़ों की वसूली का आरोप
यह जांच आदेश ऐसे समय में आया है जब अस्पताल और उसके संचालक डॉ. संदीप त्रिपाठी पहले से ही विवादों में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल शिकायतों के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन पर आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीजों से अवैध रूप से नगद राशि वसूलने का गंभीर आरोप है। इतना ही नहीं, अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत से यह रकम निजी खातों में ट्रांसफर कराई जा रही थी। पिछले तीन वर्षों में अस्पताल को आयुष्मान योजना के तहत करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

सीएमएचओ पर टिकीं निगाहें, मंडल स्तर पर भी हो सकती है जांच
स्वास्थ्य विभाग ने सीएमएचओ को एक विशेष जांच दल गठित कर सभी तथ्यों की सूक्ष्मता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल सभी की निगाहें सीएमएचओ डॉ. पी.एस. मार्को पर टिकी हैं कि क्या वे बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे। विभाग के सूत्रों के अनुसार, यदि जिला स्तर की इस जांच में किसी भी तरह की लापरवाही या अपारदर्शिता पाई गई, तो डिवीजन स्तर पर नई टीम बनाकर मामले की बारीकी से दोबारा जांच की जाएगी और नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।