अहमदाबाद। अदाणी ग्रुप एक बार फिर वैश्विक संस्थागत निवेशकों और देश के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स का भरोसा जीतने में सफल रहा है। समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) ने पिछले एक वर्ष में फ्रेश इक्विटी के जरिए करीब 40,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है।
हाल ही में कंपनी ने अपने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) का आकार 10,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपये कर दिया। इस इश्यू को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और कंपनी को करीब 38,000 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं, जो मूल इश्यू साइज का लगभग 3.8 गुना है। इससे पहले कंपनी 25,000 करोड़ रुपये का राइट्स इश्यू भी सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है।
इस QIP में कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, ब्लैकरॉक, ब्लैकस्टोन और नोमुरा जैसे प्रमुख वैश्विक निवेशकों ने भाग लिया। वहीं घरेलू निवेशकों में एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड ने भी निवेश किया।
सूत्रों के अनुसार, इश्यू औपचारिक रूप से खुलने से पहले ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। निवेशकों की भारी मांग को देखते हुए कंपनी ने इश्यू का आकार बढ़ाने का फैसला लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फंड जुटाने की सफलता अदाणी ग्रुप के प्रति निवेशकों के बदलते नजरिए को दर्शाती है। जिन कंपनियों में पहले संस्थागत निवेशक सीमित रुचि दिखाते थे, वे अब वैश्विक फंड्स और घरेलू एसेट मैनेजरों की पसंद बन रही हैं।
पिछले एक वर्ष में अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अदाणी ग्रीन एनर्जी जैसी कंपनियों में भी बड़े संस्थागत निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इससे समूह की दीर्घकालिक विकास योजनाओं पर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
यह सकारात्मक निवेश माहौल ऐसे समय में देखने को मिला है, जब अमेरिका में गौतम अदाणी से जुड़े मामले पर कानूनी प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद निवेशकों ने समूह के परिचालन प्रदर्शन, पूंजी प्रबंधन और भविष्य की विकास संभावनाओं पर भरोसा जताया है।
अदाणी एंटरप्राइजेज फिलहाल एयरपोर्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, सोलर एवं विंड उपकरण निर्माण, सड़क, पीवीसी, धातु और खनन जैसे क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है। हाल ही में कंपनी ने आईएचसी के साथ 11.5 अरब डॉलर के निवेश से भारत का सबसे बड़ा एल्युमीनियम निर्माण प्रोजेक्ट स्थापित करने की घोषणा भी की है, जिसे देश के मेटल एवं माइनिंग क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) माना जा रहा है।