रायपुर में जलभराव पर चर्चा के बीच टपकने लगी नगर निगम मुख्यालय की छत, विपक्ष ने सरकार को घेरा

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जलभराव की समस्या पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई नगर निगम की विशेष सामान्य सभा उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब बैठक के दौरान ही निगम मुख्यालय के सभाकक्ष की छत से पानी टपकने लगा। शहर की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था और जलनिकासी पर बहस के बीच मुख्यालय की छत टपकने की घटना ने निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

विशेष सामान्य सभा में शहर की सफाई व्यवस्था, नालों की समय पर सफाई, जर्जर सड़कों की मरम्मत और मानसून के दौरान नागरिकों को होने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जा रही थी। इसी दौरान सभाकक्ष में कई जगहों से पानी रिसने लगा, जिससे बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।

जलभराव की समस्या को लेकर विपक्ष ने निगम प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी अखबारों की कतरनों से बनी सांकेतिक ‘लाइफ जैकेट’ पहनकर बैठक में पहुंचे और अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी-भरकम बजट के बावजूद शहर की जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हुई है।

नगर निगम ने वर्ष 2026-27 के बजट में नालों की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था के लिए करीब 3 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष के 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। बावजूद इसके, राजधानी के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण टाटीबंध सहित शहर के कई निचले और रिहायशी क्षेत्रों में पानी घरों तक पहुंच गया है। हालात का जायजा लेने के लिए महापौर मीनल चौबे ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के लिए प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए 8 जिलों के लिए रेड अलर्ट, 15 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 6 जिलों के लिए यलो अलर्ट घोषित किया है। प्रशासन को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *