अंबिकापुर, 9 जुलाई/ अंबिकापुर के एनएच गोयल हॉस्पिटल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में एक बेहद गंभीर मामला उजागर हुआ है। अस्पताल पर आरोप है कि आयुष्मान भारत योजना में पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) न होने के बावजूद, वहां मरीजों को इस योजना के नाम पर भर्ती किया गया और कथित रूप से अवैध लाभ उठाया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने विस्तृत जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने दोषी पाए जाने पर अस्पताल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं।
सीएमएचओ की रिपोर्ट में खुलासा
संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि शिकायत मिलने पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को मामले की जांच सौंपी थी। 6 जुलाई को सौंपे गए सीएमएचओ की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि एनएच गोयल हॉस्पिटल का आयुष्मान भारत योजना के तहत कोई पंजीयन ही नहीं है। डॉ. शुक्ला ने सवाल उठाया कि बिना वैद्य पंजीयन के अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान योजना के नाम पर मरीजों को भर्ती कैसे किया, इसकी गहनता से जांच की जाएगी।
अवैध वसूली और राशि आहरण पर होगी सख्त कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि अस्पताल ने आयुष्मान योजना के नाम पर फर्जी तरीके से सरकारी राशि निकाली है या मरीजों से अवैध वसूली की है, तो इसे गंभीर अनियमितता माना जाएगा। संभागीय संयुक्त संचालक ने मामले में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के लिए जिला कलेक्टर को भी एक आधिकारिक पत्र भेजा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आरोप सिद्ध होने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने सहित अन्य दंडात्मक कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
आरटीआई एक्टिविस्ट दर्ज कराएंगे एफआईआर
इस पूरे मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. डीके सोनी ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा है कि बिना रजिस्ट्रेशन मरीजों को धोखे में रखकर आयुष्मान योजना का कथित लाभ उठाना एक बड़ा अपराध है। वे इस फर्जीवाड़े को लेकर संबंधित अस्पताल संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।
जिले के सभी निजी अस्पतालों को चेतावनी
इस बड़े खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। संभागीय संयुक्त संचालक ने जिले के सभी निजी अस्पतालों को सख्त हिदायत दी है कि वे आयुष्मान भारत योजना के तय नियमों और गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें। नियमों की अनदेखी या किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।