दुर्ग : स्याही सूखी तो खून से लिखा आवेदन: दुर्ग में अतिथि शिक्षकों का संविलियन आंदोलन तेजगले में तख्तियां लटकाए डटे हैं प्रदेशभर के शिक्षक, एक पैर पर खड़े होकर जता चुके हैं विरोधदुर्ग। संविलियन की एक सूत्रीय मांग को लेकर जिला मुख्यालय स्थित जेआरडी स्कूल और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के सामने प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों का अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है।
सरकार की बेरुखी से नाराज आंदोलनकारी अपनी आवाज बुलंद करने के लिए हर दिन नए और अनोखे तरीके अपना रहे हैं। इसी कड़ी में, कुछ दिन पूर्व एक पैर पर खड़े होकर अनोखा विरोध दर्ज कराने के बाद, गुरुवार को आंदोलित शिक्षकों ने अपनी सीमाओं को पार करते हुए अपने ही खून से आवेदन लिखा और सरकार तक अपनी गुहार पहुंचाने का प्रयास किया।


शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। खून से लिखे इस पत्र के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से संविलियन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की है।
इस अनूठे और भावुक प्रदर्शन को देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। आंदोलनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर तुरंत संज्ञान नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल, कड़ाके की धूप और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शिक्षक अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है।