रायपुर। भारत निर्माण कॉन्क्लेव-2026 में माँ मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर परम पूज्य डॉ. प्रेमा साई महाराज को आध्यात्मिक नेतृत्व, समाज सेवा और राष्ट्रहित में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर उनके सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों की सराहना करते हुए देशहित में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की गई।
कॉन्क्लेव के दौरान डॉ. प्रेमा साई महाराज ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी, बी.एल. वर्मा, सांसद मनोज तिवारी, राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी तथा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन सहित कई जनप्रतिनिधियों से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने सभी को माँ मातंगी दिव्य धाम की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी दी तथा आगामी माँ कोत्रावै प्रतिमा स्थापना महोत्सव में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
डॉ. प्रेमा साई महाराज लंबे समय से बस्तर के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवा, आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहे हैं। बस्तर, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में जनजातीय समाज के बीच सामाजिक समरसता, संस्कार और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
माँ मातंगी दिव्य धाम के मार्गदर्शन में संचालित घर वापसी अभियान के माध्यम से संस्था का दावा है कि 1025 से अधिक परिवार अपनी पारंपरिक धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से पुनः जुड़े हैं। संस्था के अनुसार अभियान का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
धाम में नियमित रूप से आयोजित होने वाले दिव्य दरबार श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग आध्यात्मिक मार्गदर्शन, मानसिक शांति और व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में आयोजित इन कार्यक्रमों में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
डॉ. प्रेमा साई महाराज के नेतृत्व में नारायणपुर, बीजापुर सहित कई क्षेत्रों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक शोभायात्राओं और हिन्दू जागरण कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया है। इन आयोजनों का उद्देश्य सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरूकता और भारतीय परंपराओं को मजबूत करना बताया गया।
संस्था की ओर से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात आईटीबीपी एवं अन्य सुरक्षा बलों के जवानों के सम्मान और उत्साहवर्धन के लिए भी समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों, बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और जनसेवा से जुड़े अनेक कार्य भी लगातार संचालित किए जा रहे हैं।