भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए CM साय, बोले- जनजातीय विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर, 13 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास के जनदर्शन हॉल में आयोजित भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों और सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और छत्तीसगढ़ में आदिवासी क्षेत्रों के विकास को अभूतपूर्व गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है, जहां विशेष पिछड़ी जनजातियों सहित अनेक समुदाय अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के साथ निवास करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का नवगठित राज्य बोर्ड आदिवासी समाज के उत्थान, उनके अधिकारों की रक्षा और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के अध्यक्ष प्रकाश कुमार उइके, कौशल्या साय, राजेश मालवीय, कुंवर जितेंद्र नरसिंह राणा सहित संघ के सदस्य एवं विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद इस संस्था के पहले अध्यक्ष रहे, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने भी इसका नेतृत्व किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि बस्तर अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। साथ ही बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और आदिवासी संस्कृति के कारण पर्यटन को भी नई पहचान मिली है, जिससे स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

उन्होंने बताया कि वर्षों तक विकास से वंचित रहे बस्तर के करीब 400 गांवों का पहली बार सर्वेक्षण कराया गया है। वहीं नियद नेल्लानार योजना के तहत 500 से अधिक गांवों तक सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। इन गांवों में राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं, नई उचित मूल्य की दुकानों का संचालन शुरू हुआ है और सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है, ताकि लोगों को समय पर उपचार मिल सके। इसके अलावा ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से वनांचलों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों के संरक्षण के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक अवसरों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड जनजातीय विकास के प्रयासों को नई दिशा और गति प्रदान करेगा।

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