वित्त मंत्री का बैंकों को निर्देश, एनआरआई तक पहुंच बढ़ाकर विदेशी मुद्रा जुटाने पर दें जोर

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर विदेशी मुद्रा जुटाने से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने बैंकों से अनिवासी भारतीयों (NRI) तक अपनी पहुंच और मजबूत करने तथा विदेशी मुद्रा जुटाने की रफ्तार बनाए रखने का आह्वान किया।

बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSB), सार्वजनिक वित्तीय संस्थान (PFI), निजी बैंकों के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, वित्तीय सेवा विभाग, आर्थिक कार्य विभाग, राजस्व विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर, मुख्य आर्थिक सलाहकार सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान बैंकों ने एफसीएनआर (बी) जमा, बाह्य वाणिज्यिक उधार (ECB) और विदेशी मुद्रा उधार (OFCB) के लिए आरबीआई की स्वैप सुविधा योजनाओं के तहत हुई प्रगति की जानकारी दी। बैंकों के अनुसार इन योजनाओं को विदेशों में रहने वाले भारतीयों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और आकर्षक ब्याज दरों के कारण एफसीएनआर (बी) जमा में लगातार वृद्धि हो रही है।

बैंक अधिकारियों ने बताया कि सिंगापुर, हांगकांग, पश्चिम एशिया, ब्रिटेन, अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया में रहने वाले एनआरआई इन योजनाओं में विशेष रुचि दिखा रहे हैं। डिजिटल अभियानों और विशेष संपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से भी प्रवासी भारतीयों तक पहुंच बढ़ाई जा रही है।

बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भरोसा जताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में ईसीबी के माध्यम से अधिक विदेशी पूंजी जुटाई जाएगी। वहीं, गुजरात के गिफ्ट सिटी (IFSC) स्थित अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग इकाइयों का उपयोग विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से करने पर भी जोर दिया गया।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक बैंकों को जमा जुटाने और पात्र ऋणों को सुगम बनाने में हर संभव सहयोग दे रहा है। साथ ही, दैनिक रिपोर्टिंग व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं की रीयल-टाइम निगरानी भी की जा रही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों से नए और आकर्षक जमा उत्पाद विकसित करने, एनआरआई तक पहुंच बढ़ाने और योजनाओं के तहत धन जुटाने की गति बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा, पूंजी प्रवाह बढ़ेगा और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के बाह्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

गौरतलब है कि आरबीआई ने 5 जून 2026 की मौद्रिक नीति में नए एफसीएनआर (बी) जमा, ईसीबी और ओएफसीबी के लिए विशेष स्वैप सुविधाओं की घोषणा की थी। इन योजनाओं के तहत एफसीएनआर (बी) जमा 30 सितंबर 2026 तक तथा ईसीबी और ओएफसीबी 31 दिसंबर 2026 तक पात्र रहेंगे।

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