जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी दरबार में चढ़ाई गई कथित 550 करोड़ रुपये मूल्य की नकली चांदी के मामले में जम्मू की अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने जांच अधिकारी को मामले से संबंधित पूरा रिकॉर्ड अदालत में पेश करने और 29 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
मामला उस समय सामने आया जब श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भक्तों द्वारा चढ़ाई गई 20 टन से अधिक चांदी को गलाने के लिए भेजा। जांच में दावा किया गया कि उसमें केवल 5 से 6 प्रतिशत चांदी ही निकली, जबकि शेष हिस्सा कैडमियम, लोहे और अन्य धातुओं का था। अनुमानित बाजार मूल्य करीब 550 करोड़ रुपये बताया गया है।
इस मामले को लेकर जम्मू के अधिवक्ता दीपक शर्मा ने 9 मई को पुलिस महानिरीक्षक (क्राइम ब्रांच) और एसएसपी आर्थिक अपराध शाखा (EOW) जम्मू को शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में आशंका जताई गई कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई चांदी में मिलावट की गई या फिर उसकी अदला-बदली कर दी गई।
जब पुलिस जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई, तो याचिकाकर्ता ने अदालत का रुख किया। कोर्ट के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में बताया कि मामला स्वीकृति के लिए क्राइम मुख्यालय श्रीनगर भेजा गया था, जहां से इसे जोनल पुलिस मुख्यालय जम्मू को अग्रेषित किया गया।

हालांकि, याचिकाकर्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आर्थिक अपराध शाखा जम्मू का अपना पुलिस थाना है और उसे शिकायत मिलने के बाद सीधे कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्टेटस रिपोर्ट में संभावित महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए उठाए गए कदमों का कोई उल्लेख नहीं है।
इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए जम्मू की अदालत ने जांच अधिकारी को पूरे रिकॉर्ड के साथ 29 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।