रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), अग्निशमन सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा हुई। विपक्ष ने सरकार को विभिन्न मामलों में घेरा, जबकि संबंधित मंत्रियों ने विभागीय स्थिति स्पष्ट करते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सबसे पहले कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा खरीदी गई दवाओं की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि एस्प्रीन सहित कुछ दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद उनकी खरीद क्यों की गई और प्रतिबंध से पहले कितनी मात्रा में दवाएं खरीदी गई थीं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि गुजरात में जिस दवा उत्पाद को ब्लैकलिस्ट किया गया था, वह छत्तीसगढ़ में खरीदी गई दवा से अलग है। इसलिए दोनों मामलों को जोड़ना उचित नहीं है। हालांकि विपक्ष ने सवाल उठाया कि संबंधित कंपनी पर कार्रवाई के बाद भी उसकी दवाओं की खरीद में सावधानी क्यों नहीं बरती गई।
भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने अस्पतालों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन कर्मचारियों को भुगतान किया जाना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मौजूदा अनुबंध में पुलिस सत्यापन के अभाव में भुगतान रोकने का प्रावधान नहीं है, लेकिन भविष्य के टेंडरों में इसे अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसी विषय पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के पूरक प्रश्न के दौरान सदन में कुछ देर तीखी बहस भी हुई। अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि मंत्री सवालों का सीधा जवाब नहीं दे रहे हैं, जबकि मंत्री ने कहा कि प्रश्न स्पष्ट नहीं था, फिर भी सरकार सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएगी।
वहीं भाजपा विधायक प्रबोध मिंज ने लुंड्रा विधानसभा क्षेत्र की खराब सड़कों का मुद्दा उठाया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि क्षेत्र की 87 सड़कें फिलहाल मरम्मत अवधि में हैं और शेष कार्य बजट उपलब्ध होते ही पूरे कराए जाएंगे।
अग्निशमन सेवाओं की स्थिति पर भाजपा विधायक सुनील सोनी के प्रश्न के जवाब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि जून 2026 तक राज्य के छह जिलों में अभी भी फायर स्टेशन स्थापित नहीं हो सके हैं। उन्होंने कहा कि अग्निशमन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और फायर स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए 1 अरब 56 करोड़ 71 लाख 29 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
कार्यवाही के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े एक ही प्रश्न पर आठ विधायकों ने पूरक प्रश्न पूछे। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी सवालों का विस्तार से उत्तर देने पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की सराहना करते हुए इसे सदन की उल्लेखनीय कार्यवाही बताया।