बलरामपुर। जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। महालेखाकार (AG) की ऑडिट में कथित वित्तीय गड़बड़ी उजागर होने के बाद सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अनिल शुक्ला ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बलरामपुर को पत्र जारी कर राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत प्राप्त राशि के उपयोग की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि महालेखाकार (AG) की ऑडिट में राजपुर अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 1.62 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इसी आधार पर मामले की जांच के निर्देश जारी किए गए हैं।
मामले को लेकर वर्ष 2022 से 2025 के बीच आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल को प्राप्त राशि, उसके उपयोग, खरीद प्रक्रिया, भुगतान और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की मांग भी उठ रही है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि इतने लंबे समय तक इस वित्तीय लेन-देन की स्थानीय स्तर पर समुचित जांच क्यों नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार, महालेखाकार की ऑडिट में सामने आई आपत्तियों के संबंध में स्वास्थ्य विभाग से भी अलग से जवाब मांगा जाना है। हालांकि, इस संबंध में रायपुर से जारी पत्र जिला स्वास्थ्य अधिकारियों तक पहुंचने की प्रक्रिया जारी है।
संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अनिल शुक्ला ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।