कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद और अभिनेत्री कोयल मलिक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। वहीं, इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से उनकी मुलाकात ने भाजपा में शामिल होने की अटकलों को और बल दे दिया है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कोयल मलिक ने अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को सौंपा। अपने त्यागपत्र में उन्होंने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया और राज्यसभा सचिवालय, उपसभापति तथा सदन के सभी अधिकारियों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कोयल मलिक के इस्तीफे के साथ ही वह राज्यसभा से इस्तीफा देने वाली तृणमूल कांग्रेस की चौथी सांसद बन गई हैं। इससे पहले सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बड़ाईक भी उच्च सदन की सदस्यता छोड़ चुके हैं। उनके इस्तीफे के बाद राज्यसभा में टीएमसी सांसदों की संख्या घटकर 9 रह गई है।
सूत्रों के मुताबिक, कोयल मलिक ने 6 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी, लेकिन अब तक उन्होंने सदन की किसी भी कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया। ऐसे में उनके अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से उनकी मुलाकात को लेकर विभिन्न राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वह अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर विचार-विमर्श कर रही हैं। हालांकि, न तो कोयल मलिक और न ही भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाजपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच कोयल मलिक का इस्तीफा तृणमूल कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। यदि भविष्य में वह किसी अन्य दल, विशेषकर भाजपा, का दामन थामती हैं तो इसका असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें उनके अगले राजनीतिक फैसले पर टिकी हुई हैं।