वंदे मातरम का अपमान पड़ेगा भारी! 3 साल की जेल का प्रावधान, राज्यसभा में आज पेश होगा विधेयक

नई दिल्ली। केंद्र सरकार राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में महत्वपूर्ण संशोधन करने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को भी कानूनी संरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो वंदे मातरम का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

गृह मंत्री अमित शाह संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यह संशोधन विधेयक राज्यसभा में पेश करेंगे। राष्ट्रीय गीत से जुड़े इस प्रस्ताव को लेकर सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव की संभावना जताई जा रही है।

मोदी सरकार ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं जयंती के अवसर पर वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह कानूनी संरक्षण देने के लिए राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन को मंजूरी दी है।

इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को दिशा-निर्देश जारी कर उन सरकारी कार्यक्रमों में, जहां राष्ट्रगान होता है, वहां राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन भी अनिवार्य करने की बात कही है।

वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक मतभेद लंबे समय से रहे हैं। भाजपा इसे राष्ट्र गौरव और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानती है, जबकि कुछ विपक्षी दलों के नेताओं ने समय-समय पर इसके गायन को लेकर आपत्ति जताई है या विवादित बयान दिए हैं। भाजपा का आरोप है कि तुष्टिकरण की राजनीति के चलते राष्ट्रीय गीत को उसका उचित सम्मान नहीं मिला।

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है या उसके गायन में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ तीन वर्ष तक के कारावास, जुर्माने या दोनों का प्रावधान होगा।

यह विधेयक सोमवार को राज्यसभा की कार्यसूची में शामिल है। उच्च सदन से पारित होने के बाद इसे मंजूरी के लिए लोकसभा में पेश किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *