वाशिंगटन। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से गुजरने वाला तेल परिवहन युद्ध से पहले के स्तर के करीब दो-तिहाई तक पहुंच गया है। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ईरान संघर्ष का दायरा बढ़ाने के लिए स्वेज नहर को निशाना बना सकता है और इसके लिए यमन के हूती विद्रोहियों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि हालिया अमेरिकी हवाई हमलों और ईरानी जवाबी कार्रवाई के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल परिवहन लगभग ठप हो गया है। उन्होंने बताया कि पिछले सात दिनों के औसत के अनुसार प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल इस मार्ग से गुजर रहा है। इसके अलावा बाईपास पाइपलाइनों के जरिए भी करीब 70 लाख बैरल प्रतिदिन अतिरिक्त तेल की आपूर्ति जारी है।
राइट ने कहा कि वर्तमान में अरब की खाड़ी से प्रतिदिन लगभग 1.4 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति हो रही है, जो युद्ध से पहले के ट्रैफिक का करीब दो-तिहाई है। हालांकि उन्होंने माना कि जहाजों की संख्या अभी सामान्य स्तर पर नहीं पहुंची है, लेकिन बड़े तेल टैंकरों के इस्तेमाल से वैश्विक बाजारों में आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
इस बीच जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य कार्रवाई भी की है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
उधर, नाटो के पूर्व सुप्रीम एलाइड कमांडर रिटायर्ड एडमिरल जेम्स स्टैवरिडिस ने चेतावनी दी है कि ईरान यमन के हूती विद्रोहियों के जरिए स्वेज नहर को निशाना बनाकर वैश्विक व्यापार और समुद्री आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब सिर्फ होर्मुज ही नहीं, बल्कि स्वेज नहर पर भी कड़ी नजर रखनी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य और स्वेज नहर दोनों प्रभावित होते हैं, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।