अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को अयोध्या में आयोजित होगी। श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद यह ट्रस्ट की दूसरी बैठक है, जिसमें मंदिर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में शामिल होने के लिए ट्रस्ट के कई सदस्य अयोध्या पहुंच चुके हैं। इनमें स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ और युगपुरुष स्वामी परमानंद शामिल हैं। वहीं, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि और अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन के भी बैठक से पहले पहुंचने की संभावना है।
शाम 4 बजे मणिरामदास जी की छावनी में होने वाली बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे। बैठक से पहले दोपहर 3 बजे विशेष बैठक आयोजित होगी, जिसमें रिक्त पदों पर नियुक्तियों को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे तथा अयोध्या राजपरिवार के प्रमुख रहे बिमलेंद्रमोहन मिश्र के निधन से रिक्त हुए पदों पर तीन नए ट्रस्टियों के चयन पर निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही नए महासचिव के नाम पर भी सर्वसम्मति बनाने की कोशिश होगी।
बैठक में मंदिर की सुरक्षा और चढ़ावे की पारदर्शी व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं, ताकि भविष्य में चोरी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इसके अलावा मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। इस पद के लिए पांच हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कुछ नामों पर विचार किया जा सकता है।
ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के पुनर्गठन, गणना कक्ष में बदलाव, वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने और रामलला की सेवा में नियुक्त अर्चकों के कार्यों की समीक्षा भी बैठक के एजेंडे में शामिल है। हालांकि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किए जाने के बाद उस पर विस्तृत चर्चा की संभावना कम मानी जा रही है।
यह बैठक राम मंदिर के भविष्य के प्रशासनिक ढांचे, सुरक्षा व्यवस्था और सुचारु संचालन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।