नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण (E20) के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले का समाधान निकालने की अपील की है।
केजरीवाल ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जनता के दबाव का परिणाम है। इसके बाद उन्होंने E20 पेट्रोल को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल मिश्रण से लोगों की गाड़ियों में परेशानी आ रही है और माइलेज भी प्रभावित हो रहा है।
E20 के खिलाफ दिल्ली में टाउनहॉल कार्यक्रम
अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि E20 के मुद्दे पर दिल्ली में एक बड़ा टाउनहॉल आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम शनिवार को होगा, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी लोगों को जोड़ने की तैयारी की गई है।
केजरीवाल ने कहा कि इस कार्यक्रम में ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और E20 से प्रभावित लोगों को मंच दिया जाएगा। इसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी कि सरकार पर इस नीति को वापस लेने के लिए दबाव कैसे बनाया जाए।
प्रधानमंत्री आवास तक चिट्ठियां लेकर जाने का ऐलान
केजरीवाल ने बताया कि E20 के खिलाफ शुरू की गई ऑनलाइन पिटीशन में अब तक 2 लाख से अधिक लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया भेजी है। उन्होंने कहा कि वह इन चिट्ठियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अभी शुरुआत है और आगे इसे बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा। केजरीवाल ने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन भी किया जा सकता है।
E20 नीति को लेकर सियासत तेज
पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार की ओर से E20 को पेट्रोलियम आयात कम करने और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देखा जाता है।