रायपुर। छत्तीसगढ़ में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। प्रदेश के पहले मदर मिल्क बैंक का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया जाएगा। इस सुविधा का उद्देश्य उन नवजात शिशुओं तक सुरक्षित और पोषक मातृ दुग्ध पहुंचाना है, जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का दूध उपलब्ध नहीं हो पाता।
सुबह 11 बजे होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम
मदर मिल्क बैंक के शुभारंभ के अवसर पर आज सुबह 11 बजे जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय, रायपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री करेंगे। इसमें स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि, माताएं और बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल होंगे।
नवजात शिशुओं के लिए होगी बड़ी राहत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह सुविधा विशेष रूप से समय से पहले जन्म लेने वाले, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि मातृ दुग्ध शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
10 प्रेरणादायी माताओं का होगा सम्मान
कार्यक्रम के दौरान समाज में स्तनपान के महत्व को बढ़ावा देने वाली 10 प्रेरणादायी माताओं को ‘माता यशोदा सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। इन महिलाओं को स्तनपान के प्रति जागरूकता फैलाने और अन्य माताओं को प्रेरित करने में उनके योगदान के लिए सम्मान दिया जाएगा।
अन्य अस्पतालों में भी बनेगा मदर मिल्क बैंक
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस पहल से प्रदेश में नवजात शिशु मृत्यु दर कम करने, मातृ स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने और सुरक्षित स्तनपान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। विभाग भविष्य में राज्य के अन्य प्रमुख सरकारी अस्पतालों में भी मदर मिल्क बैंक स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है।