दुर्ग। जिले में बाल श्रम के खिलाफ गुरुवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने 16 नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू किया। सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से बाल गृह भेज दिया गया है, जबकि मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, AVA से मिली सूचना के आधार पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) दुर्ग और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक अभियान चलाया। रात करीब 8:30 बजे संदिग्ध बस को रोककर तलाशी ली गई।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को रायपुर से बस के जरिए बाल श्रम के लिए दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। बस से मिले सभी 16 नाबालिग बच्चों को तत्काल सुरक्षा में लेकर बाल गृह भेजा गया, जहां उनकी काउंसलिंग और आवश्यक देखभाल की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक बच्चों से पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में बाल श्रम से जुड़े संकेत मिले हैं, जिसके आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चों को कहां और किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था तथा इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल सभी दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त टीम पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटी हुई है।