रूस पर यूक्रेन का घातक ड्रोन अटैक, 1200 KM अंदर तक पहुंचा हमला; 12 की मौत

मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेनी सेना ने रूस के काफी अंदर तक ड्रोन हमला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन की सीमा से करीब 1,200 किलोमीटर दूर तातारस्तान के निजनेकाम्स्क शहर को निशाना बनाया गया। हमले में 12 लोगों की मौत और 39 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। हमले में रूस के महत्वपूर्ण औद्योगिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।

तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल संयंत्र निशाने पर

तातारस्तान के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह निजनेकाम्स्क में नागरिक और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए गए। करीब 2.40 लाख की आबादी वाला निजनेकाम्स्क रूस के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है।

शहर में दो बड़ी तेल रिफाइनरी और एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र मौजूद हैं। यूक्रेन पिछले कुछ महीनों से रूस के तेल और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को लंबी दूरी के ड्रोन से निशाना बनाता रहा है। ऐसे हमलों का असर रूस की तेल शोधन क्षमता और ईंधन आपूर्ति पर पड़ने का दावा किया जाता रहा है।

पुतिन पर दबाव बनाने की रणनीति?

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ किए जा रहे हमलों को उचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि रूस के हर हमले का जवाब दिया जाएगा। जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन का उद्देश्य रूस पर दबाव बढ़ाना है, ताकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बातचीत की मेज पर आएं और युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाएं।

जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि युद्ध लंबा खिंचने के पीछे रूस की इसे समाप्त करने की अनिच्छा प्रमुख कारण है।

रूस का दावा- 456 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए

इस बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रातभर में 456 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। हालांकि, यूक्रेन की ओर से इस दावे पर अलग से प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।

दूसरी ओर यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी खार्कोव क्षेत्र में भी रूसी हमलों की खबर है। बुगाइवका गांव में रूसी तोपखाने की गोलाबारी में पांच नागरिकों की मौत होने और कई घरों के क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है।

इसके अलावा बेलगोरोद में यूक्रेनी हमले में एक महिला और खेरसॉन में रूसी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत की भी खबर सामने आई है।

रूस और यूक्रेन के बीच लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल हमलों की बढ़ती तीव्रता ने युद्ध को और अधिक गंभीर बना दिया है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के सैन्य, ऊर्जा और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

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