जहाज रिसाइक्लिंग में भारत दुनिया में नंबर-1, 2025 में वैश्विक हिस्सेदारी बढ़कर 35.4% हुई

नई दिल्ली। जहाज रिसाइक्लिंग के क्षेत्र में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 2025 में भारत दुनिया में जहाज रिसाइक्लिंग के मामले में पहले स्थान पर रहा। एक आधिकारिक फैक्टशीट के मुताबिक, वैश्विक जहाज रिसाइक्लिंग में भारत की हिस्सेदारी 2024 के 30.1 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 35.4 प्रतिशत हो गई।

भारत में जहाज रिसाइक्लिंग की मात्रा में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 1.86 मिलियन ग्रॉस टन (GT) था, जो 2025 में बढ़कर 2.99 मिलियन GT हो गया। यानी एक साल में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

अलंग-सोसिया बना भारत की ताकत

गुजरात का अलंग-सोसिया शिप रिसाइक्लिंग क्लस्टर भारत के जहाज रिसाइक्लिंग उद्योग की रीढ़ बना हुआ है। इसे दुनिया के सबसे बड़े जहाज रिसाइक्लिंग केंद्रों में गिना जाता है। भारत की कुल जहाज रिसाइक्लिंग गतिविधियों में इसकी हिस्सेदारी करीब 98 प्रतिशत है।

अलंग-सोसिया क्लस्टर की सालाना जहाज रिसाइक्लिंग क्षमता करीब 60 लाख GT है। यहां हर साल प्राकृतिक संसाधनों का अतिरिक्त दोहन किए बिना लगभग 3.50 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) स्टील का उत्पादन किया जाता है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है क्लस्टर

अलंग-सोसिया में अधिकृत जहाज रिसाइक्लिंग यार्ड के साथ स्टील की डाउनस्ट्रीम री-रोलिंग मिलें और कचरा प्रबंधन से जुड़ा बुनियादी ढांचा मौजूद है। पिछले कुछ वर्षों में क्लस्टर का व्यापक आधुनिकीकरण किया गया है, जिससे वैश्विक जहाज रिसाइक्लिंग बाजार में इसकी भूमिका और मजबूत हुई है।

सरकार अब भारत की जहाज रिसाइक्लिंग क्षमता को लगभग दोगुना करके करीब 9 मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन (LDT) करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए अलंग के शिप रिसाइक्लिंग यार्ड के नियोजित विकास और विस्तार की योजना है।

1.5 लाख से ज्यादा श्रमिकों को मिला प्रशिक्षण

अलंग-सोसिया शिप रिसाइक्लिंग यार्ड स्थित सेफ्टी ट्रेनिंग एंड लेबर वेलफेयर इंस्टीट्यूट अब तक 1.5 लाख से अधिक श्रमिकों को प्रशिक्षण दे चुका है। प्रशिक्षण में व्यावसायिक सुरक्षा, खतरनाक सामग्रियों से निपटने और आपातकालीन स्थिति में प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

गुजरात के अलावा कोलकाता के अमर आयरन उद्योग और केरल के स्टील इंडस्ट्रियल्स केरल लिमिटेड (SILK) में भी जहाज रिसाइक्लिंग यार्ड मौजूद हैं।

MIV 2030 का लक्ष्य समय से पहले हासिल

आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारत की जहाज रिसाइक्लिंग क्षमता में हुई यह बढ़ोतरी वैश्विक बाजार में भारतीय यार्डों की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाती है।

सरकार ने कहा कि Maritime India Vision (MIV) 2030 के तहत दुनिया का अग्रणी जहाज रिसाइक्लिंग राष्ट्र बनने का लक्ष्य भारत ने निर्धारित समय से पांच साल पहले ही हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि भारत के समुद्री क्षेत्र में बढ़ती क्षमता और वैश्विक स्तर पर मजबूत होती स्थिति को दर्शाती है।

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