ज्यादा पानी पीना भी हो सकता है खतरनाक! Kidney पर पड़ सकता है बुरा असर, जानें सही मात्रा

डेस्क: पानी शरीर के लिए बेहद जरूरी है। यह शरीर का तापमान नियंत्रित रखने, पाचन में मदद करने और सामान्य शारीरिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन जरूरत से बहुत ज्यादा पानी कम समय में पीना भी स्वास्थ्य के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। ऐसी स्थिति को ओवरहाइड्रेशन कहा जाता है।

ज्यादा पानी पीने से क्या होता है?

हमारी किडनी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने का काम करती है। जब कोई व्यक्ति कम समय में जरूरत से बहुत ज्यादा पानी पी लेता है, तो शरीर अतिरिक्त पानी को तेजी से बाहर नहीं निकाल पाता। इससे खून में सोडियम की मात्रा असामान्य रूप से कम हो सकती है, जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है।

सोडियम बहुत कम होने पर शरीर की कोशिकाओं में पानी जाने से सूजन हो सकती है। गंभीर स्थिति में इसका असर दिमाग पर पड़ सकता है और सिरदर्द, उलझन, मतली, कमजोरी, दौरे या बेहोशी जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि सामान्य मात्रा से थोड़ा ज्यादा पानी पीने से सीधे किडनी फेल हो जाती है, लेकिन अत्यधिक और तेज गति से पानी पीना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

कैसे पहचानें कि पानी जरूरत से ज्यादा हो रहा है?

ओवरहाइड्रेशन की स्थिति में बार-बार पेशाब आना, मतली, सिरदर्द, थकान, चक्कर और भ्रम जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। पेशाब का लगातार बिल्कुल पारदर्शी रहना भी जरूरत से ज्यादा पानी पीने का संकेत हो सकता है, हालांकि केवल पेशाब के रंग के आधार पर पानी की मात्रा तय नहीं की जा सकती।

अगर सिरदर्द, उलझन, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, दौरे या बेहोशी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

कितना पानी पीना चाहिए?

हर व्यक्ति के लिए पानी की एक निश्चित मात्रा तय नहीं की जा सकती। उम्र, शरीर का आकार, मौसम, भोजन, शारीरिक गतिविधि और पसीना निकलने की मात्रा के अनुसार पानी की जरूरत बदलती है। सामान्य तौर पर प्यास लगने पर पानी पीना और दिनभर पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना सबसे बेहतर तरीका है।

गर्मी, ज्यादा व्यायाम या अत्यधिक पसीना आने की स्थिति में शरीर को पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स की भी जरूरत पड़ सकती है। हालांकि हर परिस्थिति में ORS या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक लेना जरूरी नहीं होता।

इन बातों का रखें ध्यान

  • कम समय में बहुत ज्यादा पानी पीने से बचें।
  • प्यास और शरीर की जरूरत के अनुसार पानी पिएं।
  • लंबे समय तक भारी व्यायाम या ज्यादा पसीना आने पर तरल और इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत बढ़ सकती है।
  • किडनी, हृदय या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोग पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय करें।
  • लगातार सिरदर्द, उल्टी, भ्रम या अत्यधिक कमजोरी होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।

पानी शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी सही नहीं है। सही मात्रा व्यक्ति की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

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