नई दिल्ली। फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान के मुख्य पायलट के डोप टेस्ट में गांजा सेवन की पुष्टि होने के बाद एयरलाइन ने पायलटों की सुरक्षा जांच को लेकर बड़ा फैसला लिया है। एयर इंडिया ने 13 अगस्त से अपने समूह के सभी पायलटों की अनिवार्य डोप स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। एयरलाइन ने कर्मचारियों को भेजे आधिकारिक संदेश में साफ कहा है कि अब प्रत्येक पायलट की जांच की जाएगी।
एयर इंडिया के मुताबिक, यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन के प्रति उनके भरोसे को और मजबूत करने के लिए उठाया गया है। कंपनी का कहना है कि वह नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के तय न्यूनतम मानकों से आगे बढ़कर पायलटों की जांच करेगी।
प्रशिक्षण से लेकर उड़ान के बाद तक होगी स्क्रीनिंग
नई व्यवस्था के तहत पायलटों की डोप स्क्रीनिंग कई चरणों में की जाएगी। एयर इंडिया की गुरुग्राम अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान, उड़ान से पहले ब्रीफिंग केंद्रों पर और उड़ान पूरी होने के बाद बेस स्थानों पर भी जांच की जाएगी।
इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पायलट प्रतिबंधित मादक पदार्थों या विमानन नियमों के तहत प्रतिबंधित दवाओं का सेवन तो नहीं कर रहा है।
सांस जांच पहले की तरह जारी रहेगी
एयर इंडिया में उड़ान से पहले पायलटों की 100 प्रतिशत ब्रीथ एनालाइजर जांच पहले से अनिवार्य है। यह व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। इसके साथ अब डोप टेस्ट की प्रक्रिया को भी व्यापक और अनिवार्य बना दिया गया है।
पहले DGCA के नियमों के तहत एयरलाइनों को सीमित संख्या में पायलटों की आकस्मिक डोप जांच करनी होती थी। किसी घटना या संदेह की स्थिति में भी जांच की जाती थी। अब एयर इंडिया ने अपने समूह के सभी पायलटों की नियमित जांच का फैसला किया है।
फुकेट-दिल्ली उड़ान की घटना के बाद फैसला
यह फैसला 4 अगस्त को हुई फुकेट-दिल्ली उड़ान की घटना के बाद सामने आया है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 में 137 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे।
ओडिशा के ऊपर उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे चला गया था। इस घटना में कम से कम 20 यात्री और चालक दल के चार सदस्य घायल हुए थे।
घटना की जांच के दौरान मुख्य पायलट के डोप टेस्ट में गांजा सेवन की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे और पायलटों की व्यापक जांच का निर्णय लिया गया।
नागर विमानन अधिकारियों से मुलाकात के बाद निर्णय
घटना के कुछ दिन बाद, 11 अगस्त को एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की थी।
इस बैठक के बाद एयरलाइन ने सभी पायलटों की अनिवार्य डोप स्क्रीनिंग शुरू करने का निर्णय लिया।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एयर इंडिया ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि दशकों से करोड़ों यात्रियों ने एयरलाइन पर भरोसा किया है। कंपनी के अनुसार, पायलटों का पेशेवर रवैया और सुरक्षा के प्रति गंभीरता उसकी पहचान रही है।
एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों के इस भरोसे को बनाए रखने और उड़ान सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के लिए पायलटों की जांच व्यवस्था को और सख्त किया गया है।