नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित करेंगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति का संबोधन शाम 7 बजे आकाशवाणी के पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रसारित किया जाएगा। इसके साथ ही सभी दूरदर्शन चैनलों पर भी इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा।
राष्ट्रपति का संबोधन पहले हिंदी में होगा और इसके बाद अंग्रेजी संस्करण प्रसारित किया जाएगा। दूरदर्शन की ओर से हिंदी और अंग्रेजी प्रसारण के बाद क्षेत्रीय भाषाओं में भी राष्ट्रपति के संदेश को प्रसारित करने की व्यवस्था की गई है।
क्षेत्रीय भाषाओं में भी सुन सकेंगे राष्ट्रपति का संदेश
दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर अलग-अलग राज्यों के दर्शकों के लिए राष्ट्रपति के संबोधन के अनुवादित संस्करण प्रसारित किए जाएंगे। वहीं, आकाशवाणी रात 9:30 बजे अपने संबंधित क्षेत्रीय नेटवर्क पर क्षेत्रीय भाषाओं में संबोधन का प्रसारण करेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य देश के ज्यादा से ज्यादा नागरिकों तक राष्ट्रपति का संदेश उनकी स्थानीय और मातृभाषा में पहुंचाना है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संबोधन की पुरानी परंपरा
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन देश की पुरानी संवैधानिक परंपराओं में से एक है। इस संबोधन में आमतौर पर देश की उपलब्धियों, मौजूदा चुनौतियों और भविष्य की आकांक्षाओं का उल्लेख किया जाता है। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को भी याद किया जाता है।
इस वर्ष राष्ट्रपति का संबोधन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। यह वर्ष 1947 के बाद भारत की लोकतांत्रिक यात्रा और राष्ट्रीय प्रगति के आठ दशकों के महत्वपूर्ण पड़ाव को दर्शाता है।
टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारण
अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति के संबोधन को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रसारण व्यवस्था की गई है। दूरदर्शन के टेरेस्ट्रियल और सैटेलाइट चैनलों के अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी राष्ट्रपति का संदेश उपलब्ध रहेगा।
राष्ट्रपति का यह संबोधन 15 अगस्त को नई दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री के पारंपरिक स्वतंत्रता दिवस संबोधन से एक दिन पहले देशवासियों तक पहुंचेगा।