वंदे मातरम पर फिर भिड़े BJP-कांग्रेस, अमित शाह के बयान से गरमाई सियासत

नई दिल्ली। वंदे मातरम के पूर्ण गायन को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की ओर से पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के शुरुआती दो अंतरे गाने के फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शाह ने कांग्रेस के फैसले को देशविरोधी बताते हुए इसे 1937 के पुराने निर्णय से जोड़ दिया।

अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना

तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में 31वीं सदर्न जोनल काउंसिल की बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत में अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस 1937 में लिए गए फैसले को दोबारा आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

अमित शाह ने कहा कि देश में अब तुष्टीकरण की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से कांग्रेस के फैसले का विरोध करने और राष्ट्रीय गीत को लेकर अपनी राय मजबूती से रखने की अपील भी की।

1937 के फैसले से जोड़ा कांग्रेस का मौजूदा रुख

गृह मंत्री ने कांग्रेस के मौजूदा फैसले को 1937 के ऐतिहासिक निर्णय से जोड़ते हुए सवाल उठाया। उनका आरोप है कि कांग्रेस फिर उसी राजनीतिक सोच को आगे बढ़ा रही है। शाह ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि उस दौर के फैसलों ने आगे चलकर देश के विभाजन और द्विराष्ट्र सिद्धांत से जुड़ी परिस्थितियों को प्रभावित किया।

कांग्रेस ने बताया दो अंतरे गाने का कारण

विवाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद शुरू हुआ। नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में हुई बैठक में कांग्रेस ने फैसला किया कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी 1937 में कांग्रेस की ओर से लिए गए फैसले का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक विषय हैं, जबकि भाजपा इन्हें राजनीतिक मुद्दा बना रही है। वंदे मातरम को संविधान सभा ने वर्ष 1950 में राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी बोला हमला

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस के फैसले पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के कारण राष्ट्रीय गीत का अपमान कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को ‘नई मुस्लिम लीग’ तक बता दिया।

नितिन नवीन ने कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा और इसके लिए अनेक लोगों ने बलिदान दिया।

15 अगस्त के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद

वंदे मातरम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद 15 अगस्त के बाद और तेज हो गया। भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम के पूर्ण गायन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए।

भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी ने पूर्ण राष्ट्रगीत गाए जाने पर आपत्ति जताई। पार्टी ने राहुल गांधी के रुख को लेकर भी सवाल उठाए। इसके बाद दोनों दलों के बीच वंदे मातरम के पूर्ण गायन और 1937 के कांग्रेस प्रस्ताव को लेकर बयानबाजी तेज हो गई।

फिलहाल वंदे मातरम के दो अंतरे गाने के कांग्रेस के फैसले ने एक बार फिर राष्ट्रगीत को लेकर राजनीतिक बहस को गर्म कर दिया है।

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