अब 9 से ज्यादा सिम नहीं रख सकेंगे ग्राहक, टेलीकॉम कंपनियों को केंद्र का आदेश

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026। मोबाइल कनेक्शन की तय सीमा को लेकर केंद्र सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। दूरसंचार विभाग (DoT) ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ग्राहक के नाम पर निर्धारित 9 मोबाइल कनेक्शन की अधिकतम सीमा को पार नहीं किया जा सकेगा। नए निर्देश 24 अगस्त 2026 से लागू होंगे।

दूरसंचार विभाग के मुताबिक, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSP) को ऐसी व्यवस्था करनी होगी, जिससे सीमा पूरी कर चुके ग्राहकों की पहचान मोबाइल कनेक्शन जारी करने से पहले ही की जा सके। यदि कोई ग्राहक 9 कनेक्शन की सीमा के बाद नया सिम लेने का प्रयास करता है, तो उसे बताया जाएगा कि उसके नाम पर पहले ही अनुमत अधिकतम संख्या में मोबाइल कनेक्शन दर्ज हैं।

सीएएफ में देनी होगी मौजूदा कनेक्शन की जानकारी

नए नियमों के तहत ग्राहकों को कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) में अपने नाम पर अलग-अलग टेलीकॉम ऑपरेटरों और लाइसेंस प्राप्त सर्विस एरिया में चल रहे मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी देनी होगी। इसका उद्देश्य अलग-अलग कंपनियों में लिए गए कनेक्शनों को एक साथ ध्यान में रखकर निर्धारित सीमा का पालन सुनिश्चित करना है।

डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से होगी पहचान

DoT ने टेलीकॉम कंपनियों की सहायता के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) विकसित किया है। इस प्लेटफॉर्म पर उन ग्राहकों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है, जिनके नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन दर्ज हैं।

DIP अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों से प्राप्त ग्राहकों की जानकारी का इस्तेमाल करता है। इससे ऑपरेटरों को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं और क्या वह 9 सिम की तय सीमा पूरी कर चुका है।

सीमा से ज्यादा कनेक्शन पर हो सकता है सस्पेंशन

दूरसंचार विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक टेलीकॉम कंपनियां CAF की शर्तों के अनुरूप जरूरी व्यवस्था लागू नहीं करतीं, तब तक तय सीमा से अधिक सक्रिय किए गए मोबाइल कनेक्शन को तुरंत सस्पेंड किया जा सकता है।

ऐसे कनेक्शन का निलंबन तब तक जारी रहेगा, जब तक ग्राहक के नाम पर निर्धारित संख्या से अधिक मोबाइल कनेक्शन होने से जुड़ा मामला नियमों के मुताबिक सुलझ नहीं जाता। केंद्र के इस कदम से अलग-अलग ऑपरेटरों के जरिए तय सीमा से अधिक सिम लेने पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

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