नई दिल्ली: यमन और सोमालिया के समुद्री इलाकों में लगातार हुई दो घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों ने अलग-अलग वारदातों में दो कमर्शियल जहाजों पर कब्जा कर लिया। इन दोनों जहाजों में कुल 22 भारतीय क्रू सदस्य सवार हैं। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक सभी भारतीय फिलहाल सुरक्षित हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है।
शिपिंग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पहली घटना 20 अगस्त को अदन की खाड़ी में यमन के तट के पास हुई। यमन से करीब 30 समुद्री मील की दूरी पर हथियारबंद लुटेरों ने इरिट्रिया के झंडे वाले तेल उत्पाद टैंकर ‘एमटी सिबु 1’ को निशाना बनाया। जहाज पर कुल 20 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें 16 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
दूसरी घटना 17 अगस्त को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास हुई। यहां कैमरून के झंडे वाले एक कार्गो जहाज को समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिया। इस जहाज पर 10 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें छह भारतीय नागरिक बताए गए हैं।
लगातार हुई इन दोनों घटनाओं के बाद समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोनों जहाजों पर मौजूद 22 भारतीय नागरिकों की स्थिति सुरक्षित है। भारतीय प्रशासन, नौसेना और संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां घटनाक्रम पर नजर रख रही हैं और जहाजों को सुरक्षित मुक्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यमन और सोमालिया के आसपास का समुद्री क्षेत्र पहले भी समुद्री डकैती और जहाजों पर हमलों के कारण संवेदनशील रहा है। ऐसे में कम समय के अंतराल में दो जहाजों के हाईजैक होने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।