नई दिल्ली। भारत सरकार देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सीमा शुल्क और बैंकिंग क्षेत्र में नए सुधारों की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इन सुधारों का उद्देश्य कारोबार को आसान बनाना और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करना है।
जी20 में वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान एक विशेष इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने कहा कि सुधारों का अगला चरण प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में पहले किए गए बदलावों को आगे बढ़ाते हुए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क के क्षेत्र में भी अभी कई काम किए जाने बाकी हैं।
ज्यादा जोखिम वाले आयात की होगी जांच
सरकार बंदरगाहों पर आयात किए जाने वाले सामान की आवाजाही को आसान बनाने के लिए रिस्क आधारित स्क्रीनिंग सिस्टम लागू करने पर काम कर रही है। इसके तहत स्कैनर लगाए जाने का प्रस्ताव है, ताकि केवल ज्यादा जोखिम वाले कंसाइनमेंट की जांच की जाए।
वित्त मंत्री ने कहा कि ज्यादा जोखिम वाले आयात को स्कैनर से गुजारा जाएगा, जबकि अन्य कंसाइनमेंट को ऑटोमैटिक मंजूरी देने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे कारोबारियों को होने वाली देरी कम होगी और बंदरगाहों पर भीड़ घटाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने की कोई निश्चित समय-सीमा अभी नहीं बताई गई है।
बैंकिंग सेक्टर के लिए हाईलेवल कमेटी
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने ‘विकसित भारत’ के लिए बैंकिंग व्यवस्था की भूमिका पर विचार करने के लिए एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सरकार को सौंपेगी। हालांकि, रिपोर्ट कब तक आएगी, इसकी समय-सीमा स्पष्ट नहीं की गई है।
1,000 से ज्यादा कानून हटाए गए
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार नागरिकों और कंपनियों पर नियमों के अनुपालन का बोझ कम करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके तहत 1,000 से ज्यादा कानून हटाए गए हैं और करीब 40,000 नियमों को आसान बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी जरूरत के अनुसार सुधारों को लागू करती रहेगी।
पहली तिमाही में 7.8% रही आर्थिक वृद्धि
ये सुधार ऐसे समय में सामने आए हैं जब भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में भी तेजी देखने को मिली है। सरकार का मानना है कि सीमा शुल्क, बैंकिंग और कारोबारी नियमों में सुधार से आर्थिक गतिविधियों को और गति मिल सकती है।