नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं की ग्रुप फोटो को लेकर भारत और पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा तेज हो गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से साझा की गई एक तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ अन्य नेताओं का हिस्सा फ्रेम से बाहर नजर आया, जबकि मूल तस्वीर में सभी नेता एक साथ दिखाई दे रहे थे।
बिश्केक में मंगलवार को हुए SCO शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के नेताओं ने सामूहिक तस्वीर खिंचवाई थी। पाकिस्तान PMO की ओर से साझा किए गए संस्करण में तस्वीर को इस तरह क्रॉप किया गया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ फ्रेम के केंद्र में नजर आए।
पीएम मोदी की पोस्ट से सामने आया मूल फोटो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीर में SCO नेताओं का पूरा समूह दिखाई दिया। मूल तस्वीर में पीएम मोदी समेत अन्य नेता भी मौजूद थे, जबकि शहबाज शरीफ समूह के एक तरफ खड़े नजर आए।
इसके बाद दोनों तस्वीरों की तुलना सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगी। कई यूजर्स ने पाकिस्तान PMO की पोस्ट पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आधिकारिक ग्रुप फोटो को क्रॉप करने की जरूरत क्यों पड़ी।
SCO बैठक के वीडियो पर भी उठे सवाल
विवाद ग्रुप फोटो तक ही सीमित नहीं रहा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए SCO राउंडटेबल बैठक के एक वीडियो को लेकर भी सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि उसमें प्रधानमंत्री मोदी को फ्रेम से बाहर कर दिया गया।
हालांकि, इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आई कई प्रतिक्रियाओं में राजनीतिक टिप्पणियां, मीम और एडिटेड तस्वीरें भी शामिल हैं। ऐसे में वायरल दावों और आधिकारिक सामग्री के बीच अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
SCO सम्मेलन की कूटनीतिक गतिविधियों के बीच तस्वीर और वीडियो को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। पूरे मामले ने आधिकारिक तस्वीरों की एडिटिंग, क्रॉपिंग और सोशल मीडिया पर उनके इस्तेमाल को लेकर भी बहस छेड़ दी है।