रिसाली/धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों को लेकर सड़क किनारे पंडाल लगाने वालों को पहले अनुमति शुल्क के साथ सुरक्षा निधि के रूप में आयोजकों को राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही नगर पालिक निगम रिसाली चिन्हित स्थान पर पंडाल लगाने की अनुमति देगा। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश के बाद निगम आयुक्त मोनिका वर्मा ने इसमें सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। बुधवार की सुबह उन्होंने आदेश जारी किया है कि बिना अनुमति के पंडाल लगाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वही भिलाई इस्पात संयंत्र की जमीन होने पर संयंत्र प्रबंधन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
पंडाल की वजह से सड़क बाधा और आमजनों को होने वाली परेशानी को रोकने तथा आयोजन में होने वाले क्षति की भरपाई के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रूख अपनाया है। कलेक्टर के निर्देश के बाद नगर पालिक निगम रिसाली ने सभी धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों को लेकर अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। राजस्व विभाग के अधिकारी रवि श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि गणेश, दुर्गा पंडाल चाहे व पांच हजार वर्ग फीट से कम या फिर उससे अधिक का एरिया हो, निगम से अनुमति लेना अनिवार्य है। अनुमति नहीं लेने पर नगर पालिक निगम रिसाली एक पक्षीय कार्यवाही करने स्वतंत्र होगा। उन्होंने यह भी बताया कि पंडाल लगाने से पूर्व आयोजन समिति को जगह, साफ सफाई एवं सुरक्षा निधि के रूप में निगम द्वारा निर्धारित राशि जमा करानी होगी। यह राशि हालांकि आयोजन पश्चात प्रावधान के अनुरूप वापसी योग्य है।
मार्ग परिवर्तन की दशा में लगेगा प्रतिवेदन
पंडाल के दौरान मार्ग परिवर्तन की दशा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इसके लिए आयोजन समिति को अनिवार्य रूप से अनुविभागीय अधिकारी और संबंधित थाना क्षेत्र के प्रभारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। ऐसा नहीं करने पर निगम उस स्थान पर पंडाल लगाने की अनुमति नहीं देगा।
क्षतिपूर्ति राशि से की जाएगी कटौती
उत्सव के दौरान किसी तरह की क्षति जैसे सड़क खुदाई या सड़क किनारे बनी नाली या फिर निकाय द्वारा खर्च कर बनाई गई संपत्ति अगर क्षति होती है तो निगम उसकी भरपाई क्षतिपूर्ति राशि से करेगी। इसके लिए आयोजन समिति को जिम्मेदार पदाधिकारियों की सूची भी सौंपनी होगी। यही नहीं आयोजन स्थल पर लगने वाले मेला या फिर मीना बाजार भी तंग जगह पर संचालित नहीं किया जा सकेगा। गुफा या फिर झांकी के लिए भी अलग से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। वहीं ध्वनी विस्तारक यंत्र भी मध्यम आवाज में बजाना होगा। खास बात यह है कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी डीजे को प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही जबरदस्ती चंदा उगाही पर भी प्रशासन की निगाहे रहेगी।