नई दिल्ली। देश में बाइक टैक्सी सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को सभी राज्य सरकारों से बाइक टैक्सी सेवाओं को अनुमति देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से करीब 8 करोड़ लोगों को रोजगार मिल सकता है और खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे।
गडकरी ने ‘सुरक्षा’ नामक पायलट कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान यह बात कही। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हाईवे निर्माण और खनन क्षेत्रों में काम करने वाले ड्राइवरों और अन्य हाई-रिस्क वर्कर्स को मौके पर मुफ्त मेडिकल जांच और काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है। पायलट प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के नागपुर-काम्पटी क्षेत्र में एनएच-44 और चंद्रपुर की माइनिंग बेल्ट में करीब 150 किलोमीटर के क्षेत्र में लागू किया जाएगा। इसके तहत लगभग 10 हजार लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
बाइक टैक्सी को लेकर राज्यों से अपील
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने निजी दोपहिया वाहनों, जैसे स्कूटर और मोटरसाइकिल, को यात्री परिवहन के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। हालांकि, कुछ राज्यों में अभी भी बाइक टैक्सी सेवाओं को मंजूरी नहीं मिली है।
गडकरी ने कहा कि परिवहन राज्य का विषय है, इसलिए राज्यों को अपने स्तर पर इस सेवा को अनुमति देनी होगी। उन्होंने राज्यों से बाइक टैक्सी को मंजूरी देने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और आय का साधन मिल सकता है।
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए आएगा नेगेटिव पॉइंट सिस्टम
सड़क सुरक्षा को लेकर भी गडकरी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन कर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए नेगेटिव पॉइंट सिस्टम लाने की योजना है।
इस व्यवस्था के तहत वाहन चालक द्वारा किए जाने वाले प्रत्येक गंभीर यातायात उल्लंघन पर नेगेटिव पॉइंट जोड़े जाएंगे। एक निर्धारित सीमा पार होने पर चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकेगा।
गडकरी ने कहा कि बार-बार यातायात नियम तोड़ने वाले ‘हैबिचुअल ऑफेंडर्स’ पर इस व्यवस्था के जरिए प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। इसका उद्देश्य वाहन चालकों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है।
ड्राइवरों की सेहत पर भी जोर
गडकरी ने सड़क सुरक्षा के लिए ड्राइवरों के स्वास्थ्य को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों की आंखों की जांच और उनके काम की प्रकृति से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
‘सुरक्षा’ पायलट कार्यक्रम के जरिए ड्राइवरों और हाई-रिस्क वर्कर्स को मौके पर स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय सलाह और काउंसलिंग उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि स्वस्थ और जागरूक ड्राइवर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बाइक टैक्सी को बढ़ावा देने की अपील और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नेगेटिव पॉइंट सिस्टम की घोषणा को रोजगार बढ़ाने और सड़क सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।