दूध से भी नहीं पूरी होगी कैल्शियम की जरूरत? 45 के बाद डाइट में शामिल करें ये 5 फूड्स

डेस्क उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों और जोड़ों की सेहत पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। खासकर 45 साल की उम्र के बाद शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों में बदलाव आने लगता है। हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में कैल्शियम अहम भूमिका निभाता है। आमतौर पर कैल्शियम का नाम आते ही दूध याद आता है, लेकिन इसके लिए केवल दूध पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। रसोई में मौजूद कई खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करके कैल्शियम की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है।

1. रागी

रागी यानी फिंगर मिलेट कैल्शियम से भरपूर अनाजों में शामिल है। इसमें कैल्शियम के साथ फाइबर भी पाया जाता है। 45 की उम्र के बाद इसे रोटी, डोसा, चीला या दलिया के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है। इससे खाने में स्वाद के साथ पोषक तत्वों की विविधता भी बनी रहती है।

2. तिल

सफेद और काले दोनों तरह के तिलों में कैल्शियम पाया जाता है। इन्हें रोज के खाने में शामिल करना आसान है। तिल की चटनी बनाकर, सलाद या सब्जी के ऊपर डालकर खाया जा सकता है। इसके अलावा तिल से बने लड्डू भी विकल्प हैं। हालांकि, तिल में कैलोरी और फैट भी होता है, इसलिए इनका सेवन जरूरत के अनुसार करना चाहिए।

3. सोया और टोफू

सोयाबीन और इससे बने खाद्य पदार्थ, जैसे टोफू, कैल्शियम के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। खासकर जो लोग दूध या दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स कम लेते हैं, उनके लिए टोफू एक विकल्प हो सकता है। इसे सब्जी, सलाद या स्टिर-फ्राई जैसी डिश में शामिल किया जा सकता है। ध्यान रखें कि टोफू में कैल्शियम की मात्रा ब्रांड और बनाने की प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

4. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, केल, सरसों का साग और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियों में भी कैल्शियम पाया जाता है। इन्हें सब्जी, सूप या दाल में मिलाकर खाया जा सकता है। अलग-अलग तरह की हरी सब्जियां खाने से शरीर को कैल्शियम के अलावा कई अन्य जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं।

5. दही और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स

अगर आप दूध नहीं पीना चाहते तो दही, पनीर और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। कम चीनी वाला दही रोज के खाने के साथ लिया जा सकता है। वहीं पनीर को सब्जी, सलाद या हल्के स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है।

सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, विटामिन D भी जरूरी

हड्डियों की सेहत के लिए केवल कैल्शियम लेना ही काफी नहीं है। शरीर कैल्शियम का सही तरीके से इस्तेमाल कर सके, इसके लिए विटामिन D भी जरूरी है। इसके साथ संतुलित डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत के अनुसार हेल्थ चेकअप भी महत्वपूर्ण हैं।

अगर आपको हड्डियों से जुड़ी कोई समस्या है या कैल्शियम की कमी की आशंका है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना कैल्शियम सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *