भूपेश-सिंहदेव की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल, पुराने मतभेदों पर टूटी चुप्पी

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की अंबिकापुर में हुई मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। कांग्रेस के संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने पहुंचे भूपेश बघेल कार्यक्रम के बाद टीएस सिंहदेव के निवास पहुंचे। यहां दोनों नेताओं ने साथ बैठकर कॉफी पी और अनौपचारिक बातचीत की।

जानकारी के अनुसार, प्रशिक्षण शिविर के दौरान टीएस सिंहदेव ने भूपेश बघेल को शाम को अपने घर कॉफी के लिए आने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। इस दौरान हुई हल्की-फुल्की बातचीत का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

‘तपस्या’ को लेकर हुई बातचीत

वीडियो में भूपेश बघेल सिंहदेव से उनके निवास को लेकर पूछते नजर आते हैं। बातचीत के दौरान ‘तपस्या’ नाम का जिक्र होने पर टीएस सिंहदेव मुस्कुराते हुए कहते हैं कि ‘तपस्या’ तो बेच रहे हैं, फिर काम कैसे चलेगा। इस दौरान दोनों नेता सहज और मुस्कुराते हुए नजर आए।

रिपोर्टों के मुताबिक, ‘तपस्या’ लंबे समय तक टीएस सिंहदेव के निवास का नाम रहा है।

बलरामपुर से लौटने के बाद पहुंचे सिंहदेव के घर

बताया गया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद भूपेश बघेल बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ गए थे। वहां से लौटने के बाद वह टीएस सिंहदेव के निवास पहुंचे। इस दौरान पूर्व मंत्री अमरजीत भगत समेत कांग्रेस के कुछ अन्य नेता और समर्थक भी मौजूद रहे।

पुराने मतभेदों के बीच मुलाकात पर चर्चा

भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच वर्ष 2018 के बाद नेतृत्व को लेकर मतभेद राजनीतिक चर्चा का विषय रहे हैं। मुख्यमंत्री पद को लेकर कथित ‘ढाई-ढाई साल’ की व्यवस्था की चर्चा भी लंबे समय तक राजनीतिक बहस में रही।

हालांकि, मौजूदा मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत और साथ बैठकर कॉफी पीने का दृश्य सामने आया है। मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया में अलग-अलग चर्चाएं हैं, लेकिन केवल इस मुलाकात के आधार पर किसी राजनीतिक निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

प्रशिक्षण शिविर में संगठन पर हुआ मंथन

अंबिकापुर में आयोजित कांग्रेस के संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में संगठन, धर्मनिरपेक्षता, आदिवासी मुद्दों और सोशल मीडिया समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

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